ज़हरीले साँप : बरसात का मौसम आते ही साँपों की गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं। गाँवों, खेतों, यहां तक कि शहरी इलाकों में भी साँपों के दिखने की घटनाएँ आम हो जाती हैं। लेकिन हर साँप ज़हरीला नहीं होता — फिर भी कुछ ज़हरीले साँप इतने खतरनाक होते हैं कि एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
आज हम आपको बताएंगे कि किन साँपों से सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है, उन्हें कैसे पहचाना जाए, ज़हरीले साँप और गैर-ज़हरीले साँप में फर्क कैसे किया जाए, और क्या करना चाहिए अगर किसी को साँप काट ले।
भारत के चार प्रमुख ज़हरीले साँप – Big Four
भारत में “Big Four” नाम से जाने जाने वाले चार मुख्य ज़हरीले साँप हैं, जो साँप काटने की ज्यादातर घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार हैं:
1. इंडियन कोबरा (Indian Cobra) – नाग
- पहचान: फन फैलाता है; फन पर ‘U’ या ‘Spectacle’ जैसा निशान।
- रंग: भूरा, काला या हल्का पीला।
- ज़हर प्रकार: न्यूरोटॉक्सिक (मस्तिष्क और स्नायुतंत्र पर असर डालता है)।
- लक्षण: साँस लेने में तकलीफ, धुंधली दृष्टि, लकवा जैसी स्थिति।

2. रसेल वाइपर (Russell’s Viper) – डबोइया
- पहचान: शरीर पर सुनहरी और गहरे भूरे रंग के गोल पैटर्न।
- रंग: भूरा या पीला।
- ज़हर प्रकार: हैमोटॉक्सिक (खून को प्रभावित करता है, खून जमना रोकता है)।
- लक्षण: सूजन, तेज़ दर्द, खून बहना, ब्लड प्रेशर गिरना।

3. क्रेट (Common Krait) – करैत
- पहचान: चमकदार काला शरीर, सफेद धारियाँ।
- रंग: काला।
- ज़हर प्रकार: न्यूरोटॉक्सिक।
- लक्षण: नींद जैसा महसूस होना, सांस रुकना, मांसपेशियों का फेल हो जाना।

4. सॉ-स्केल्ड वाइपर (Saw-Scaled Viper) – फुस्फुसिया
- पहचान: शरीर पर छोटी आरी जैसी धारियाँ, खतरा महसूस होने पर “फुस-फुस” की आवाज़।
- रंग: भूरा या स्लेटी।
- ज़हर प्रकार: हैमोटॉक्सिक और साइटोटॉक्सिक (खून और ऊतकों को नुकसान)।
- लक्षण: तेज़ जलन, सूजन, खून बहना।

ज़हरीले और गैर-ज़हरीले साँपों में फर्क कैसे करें?
| विशेषता | ज़हरीले साँप | गैर-ज़हरीले साँप |
|---|---|---|
| सिर की आकृति | तिकोना या स्पष्ट अलग | गोल या लम्बा |
| आँख की पुतली | अर्धगोल या लंबवत | गोल |
| काटने के निशान | 2 गहरे Fang Marks | कई छोटे दाँतों जैसे निशान |
| व्यवहार | जल्दी हमला करते हैं | ज़्यादातर शांत और भागने की कोशिश करते हैं |
अगर साँप काट ले तो क्या करें? – प्राथमिक चिकित्सा (First Aid)
✅ क्या करें:
- व्यक्ति को शांत रखें, कम से कम हिलाएं।
- साँप के काटे अंग को हृदय के स्तर से नीचे रखें।
- साँप की पहचान करें लेकिन उसे पकड़ने की कोशिश न करें।
- काटे हुए स्थान को हल्के कपड़े से बाँधें (tourniquet नहीं बांधें!).
- तुरंत अस्पताल पहुँचाएं – ज़हरीले साँपों के लिए एंटी-वेनम ही एकमात्र इलाज है।
❌ क्या न करें:
- काटे हुए स्थान को चूसने की कोशिश न करें।
- ब्लेड से काटने या जलाने की कोशिश न करें।
- झाड़-फूंक या देसी इलाज में समय बर्बाद न करें।

तकनीकी जानकारी: ज़हर के प्रकार
| ज़हर का प्रकार | प्रभाव | उदाहरण |
|---|---|---|
| न्यूरोटॉक्सिक | तंत्रिका तंत्र पर असर, सांस रुकना | कोबरा, करैत |
| हैमोटॉक्सिक | खून को प्रभावित करता है, खून का थक्का नहीं बनता | वाइपर |
| साइटोटॉक्सिक | ऊतकों को नष्ट करता है, सूजन और जलन | सॉ-स्केल्ड वाइपर |
| कार्डियोटॉक्सिक | हृदय पर असर | कुछ समुद्री साँप |


