रतलाम। Newsoffice24
स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में रतलाम ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए मध्यम श्रेणी के शहरों (50,000 से 3 लाख आबादी) में 32वीं रैंक हासिल की है। जबकि पिछले सर्वेक्षण 2023 में रतलाम इसी श्रेणी में 46वें स्थान पर था।
यह उन्नति निश्चित रूप से नगर निगम और नागरिकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है, जिससे शहर की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में सुधार दर्शाया गया है।
राज्य रैंकिंग में फिसला रतलाम
जहां राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार हुआ है, वहीं मध्यप्रदेश राज्य में रतलाम की स्थिति चिंताजनक रही। पिछले वर्ष रतलाम राज्य स्तर पर 12वें स्थान पर था, जबकि इस वर्ष यह 32वें स्थान पर खिसक गया है। यह गिरावट संकेत देती है कि भले ही रतलाम ने अपने स्तर पर मेहनत की हो, लेकिन मध्यप्रदेश के अन्य शहरों ने अधिक तीव्र गति से सुधार किया और रतलाम उस रफ्तार से पीछे रह गया।
क्या कहते हैं आंकड़े?
- राष्ट्रीय रैंक (2024-25): 32
- राष्ट्रीय रैंक (2023): 46
- राज्य रैंक (2023): 12
- राज्य रैंक (2024-25): 32
- श्रेणी: मध्यम शहर (50,000 से 3 लाख आबादी)

विश्लेषण: सुधार तो हुआ, लेकिन प्रतिस्पर्धा में पिछड़ गए
रतलाम का राष्ट्रीय स्तर पर 14 अंकों की छलांग लगाना प्रशंसनीय है। फिर भी राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि अन्य शहरों की तुलना में रतलाम की प्रगति धीमी रही। प्रदेश के अन्य शहरों ने डिजिटल नवाचार, नागरिक सहभागिता, अपशिष्ट प्रबंधन और जन-जागरूकता जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया।
मध्यप्रदेश के 31 ऐसे शहर हैं जिनका प्रदर्शन रतलाम से बेहतर

आगे की राह
अब समय है कि रतलाम नगर निगम निम्नलिखित क्षेत्रों में और सुधार करे:
- जनभागीदारी को और मज़बूत करें
- डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन और सेग्रीगेशन पर विशेष ज़ोर
- स्वच्छता एप और फीडबैक सिस्टम को प्रभावी बनाना
- स्लम क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाना
- नए नवाचार और तकनीक अपनाना


