NEWS OFFICE 24 रतलाम। जिले के किसानों के साथ धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। खरपतवार को खत्म करने के लिए खरीदी गई दवा ने उल्टा असर दिखाया। नतीजा यह हुआ कि सोयाबीन की पूरी फसल सूख गई जबकि खरपतवार जस के तस बने रहे।
मामला कैसे सामने आया?
पिपलौदा विकासखंड (RATLAM) के कृषि विकास अधिकारी ब्रजमोहन सोलंकी ने इस संबंध में प्रतिवेदन पिपलौदा पुलिस थाने में दिया।
- प्रतिवेदन के अनुसार, किसानों ने पंचेवा स्थित आंजना ट्रेडर्स से ‘बायोक्लोर’ नामक खरपतवार नाशी खरीदी थी।
- जांच में पाया गया कि इस दवा के छिड़काव से खरपतवार पर कोई असर नहीं हुआ, बल्कि सोयाबीन की फसल सूखकर बर्बाद हो गई।
- अधिकारियों का मानना है कि किसानों को गलत दवा बेचकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
दिल्ली की कंपनी पर आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली स्थित एचपीएम केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड की ओर से सप्लाई की गई बायोक्लोर दवा ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। किसानों का आरोप है कि इस कंपनी और स्थानीय व्यापारी ने मिलकर गलत दवा बेचकर पैसे हड़प लिए।

पुलिस की कार्रवाई
कृषि अधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर पिपलौदा पुलिस (RATLAM) ने मामला दर्ज किया है।
आरोपियों में शामिल हैं –
- पंचेवा के आंजना ट्रेडर्स के दुकानदार रितुराज (निवासी जेठाना)
- एचपीएम कंपनी के क्वालिटी कंट्रोलर
- कंपनी के सीईओ
इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ कीटनाशी अधिनियम के तहत भी अपराध कायम किया गया है।
किसानों में आक्रोश
फसल बर्बाद होने से किसानों में गहरी नाराज़गी है। उनका कहना है कि मेहनत और पूंजी दोनों डूब गईं। अब वे प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उन्हें उचित मुआवजा मिले।
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