रतलाम जिले में 2021 में पेड़ से आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद में हत्या के मामले का फैसला आ गया है। अदालत ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों — पिता, पुत्र और छोटे भाई — को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने यह फैसला सुनाते हुए दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषियों में भेरूलाल देवदा (54), उसका छोटा भाई गुड्डा उर्फ नानालाल (52) और बेटा मुकेश देवदा (22) शामिल हैं।
घटना का विवरण
अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार के मुताबिक, 5 जून 2021 को फरियादी बलराम खदेड़ा अपने दादा शंभूलाल और मामा अमरसिंह के साथ ग्राम धनसेरा स्थित खेत में पेड़ से आम तोड़ रहे थे। तभी भेरूलाल लकड़ी और नानालाल तलवार लेकर वहां पहुंचे और पेड़ अपना होने का दावा करते हुए गाली-गलौज करने लगे।
जब विरोध किया गया, तो दोनों ने शंभूलाल पर लकड़ी और तलवार से हमला कर दिया। थोड़ी देर बाद मुकेश भी वहां पहुंचा और हमले में शामिल हो गया। गंभीर रूप से घायल शंभूलाल को इलाज के लिए अहमदाबाद ले जाया गया, जहां 11 जून को उनकी मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई
शुरुआत में रतलाम पुलिस ने मामला भादंवि की धारा 294, 323, 506, 34 के तहत दर्ज किया। बाद में इसमें धारा 324, 302 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(बी) जोड़ी गई।
हालांकि फरियादी और आरोपियों के बीच समझौता हो गया था, लेकिन पोस्टमार्टम में मृतक के शरीर पर 16 से अधिक चोटें पाई गईं। घटनास्थल से बरामद हथियारों और मृतक के कपड़ों पर खून के निशान की FSL रिपोर्ट ने भी आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि की।
इन सब सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


