रतलाम। औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत कर्मचारी कॉलोनी में दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक बुजुर्ग महिला को झांसे में लिया और डेढ़ तोले की सोने की चेन ठग ली। आरोपी महिला को कांवड़ यात्रा के दौरान चेन चोरी का डर दिखाकर फर्जी आईडी कार्ड के माध्यम से भरोसे में ले आए। बाद में चतुराई से असली चेन की जगह पत्थरों से भरी पुड़िया देकर फरार हो गए।
घटना का तरीका: पुलिस बनकर डर फैलाया और चेन उतरवाई
घटना स्नेहनगर क्षेत्र में सुबह करीब 10:20 बजे की है। कर्मचारी कॉलोनी में रहने वाली हेमकन्या पंवार, जो अपने घर से अलकापुरी चौराहे पर कांवड़ यात्रा देखने निकली थीं, तभी बाइक पर सवार दो युवकों ने उन्हें रोका। खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए आरोपियों ने कहा कि आगे एक महिला की चेन चोरी हो चुकी है, जिससे उन्हें भी खतरा है।
बातों में उलझाकर एक तीसरे व्यक्ति को रोका गया और दिखावे के लिए उसकी चेन भी उतरवाई गई। इससे महिला को विश्वास हो गया। फिर उन्होंने महिला की चेन उतरवाकर एक कागज की पुड़िया में रखने की सलाह दी और उसे उसकी थैली में रखवा दिया।
कुछ ही देर बाद जब महिला को शक हुआ और उसने थैली खोली, तो पुड़िया में सिर्फ पत्थर मिले। समझते देर नहीं लगी कि उसके साथ ठगी हो चुकी है।
पुलिस के पास पहुंची शिकायत, CCTV फुटेज में मिले सुराग
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने परिजनों के साथ मिलकर औद्योगिक क्षेत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एएसपी राकेश खाखा से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस कंट्रोल रूम में जांच के दौरान सामने आया कि घटना के समय जनरेटर की केबल जलने के कारण सुबह की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो सकी, हालांकि 10:30 बजे के बाद के फुटेज पुलिस को मिल गए हैं।
अब पुलिस निजी कैमरों की मदद से क्षेत्रीय फुटेज खंगाल रही है। कुछ सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

एक आरोपी ने पहनी थी लाल टोपी
पीड़िता के अनुसार, दोनों युवक सामान्य वेशभूषा में थे और उनमें से एक ने लाल रंग की टोपी पहन रखी थी। पुलिस को शक है कि तीसरा व्यक्ति, जिसकी चेन दिखावे के लिए उतारी गई, भी इस गिरोह का ही सदस्य था।
फिलहाल पुलिस की विशेष टीमें जांच में जुटी हैं और आरोपियों की तलाश तेजी से की जा रही है।
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सतर्कता ही सुरक्षा: पुलिस की आमजन को चेतावनी
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि बिना यूनिफॉर्म और वैध पहचान-पत्र के किसी भी व्यक्ति को पुलिसकर्मी न मानें। संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना नजदीकी थाने को दें।


