सीहोर के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन्होंने महाराष्ट्र में अपनी कथा के दौरान धर्मराज यमराज और भगवान श्री चित्रगुप्त को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे कायस्थ समाज ने अपमानजनक और असंवेदनशील करार दिया है। उन्होंने भगवान चित्रगुप्त को “मुच्छड़” कहकर संबोधित किया और कहा – “ऐ चित्रगुप्त! तू सबका हिसाब रखना, मेरा मत रखना।”
उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे न केवल अमर्यादित और आपत्तिजनक, बल्कि सनातन आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है।
समाज में रोष, माफी के बावजूद मामला तूल पकड़ता जा रहा
विवाद बढ़ने पर पंडित मिश्रा को मंगलवार को मीडिया के सामने आकर माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की भावना आहत करने का नहीं था। लेकिन इससे पहले भी वह राधारानी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी कर चुके हैं, जिससे देशभर में विरोध हुआ था।

कायस्थ समाज की चेतावनी – सार्वजनिक माफी नहीं तो देशव्यापी विरोध
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। जिला और ब्लॉक इकाइयों को संगठित होकर विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन और विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समाज ने साफ चेतावनी दी है कि अगर पंडित मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो देशभर में उनका विरोध तेज़ किया जाएगा।


