श्रीनगर: भारतीय सेना ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में ‘ऑपरेशन शिवा’ लॉन्च किया है। यह ऑपरेशन बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यात्रा के दौरान किसी भी खतरे को टालना और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना है।
यह कदम पहलगाम में कुछ महीने पहले हुए आतंकी हमले के बाद और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि पहलगाम अमरनाथ यात्रा के प्रमुख मार्गों में से एक पर स्थित है।

ऑपरेशन शिवा: तथ्य और तैयारियां
- लॉन्चिंग एजेंसी: भारतीय सेना
- उद्देश्य: अमरनाथ यात्रा की सुरक्षित और सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना
- स्थान: जम्मू-कश्मीर, विशेषकर पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग
प्रमुख बिंदु:
- ऑपरेशन शिवा को सिविल प्रशासन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के सहयोग से चलाया जा रहा है।
- पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की संभावित गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए यह अभियान तैयार किया गया है।
- इस ऑपरेशन में 8,500 से अधिक सैनिक तैनात किए गए हैं।
तकनीकी और सामरिक तैयारियां:
- ड्रोन हमलों से निपटने के लिए 50 से अधिक Counter-UAS (C-UAS) और Electronic Warfare (EW) सिस्टम तैनात किए गए हैं।
- Unmanned Aerial Vehicles (UAVs) द्वारा नियमित निगरानी मिशन चलाए जा रहे हैं, जिनसे पवित्र गुफा और यात्रा मार्गों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
- PTZ कैमरा और ड्रोन फीड्स के माध्यम से यात्रा काफिलों की ट्रैकिंग हो रही है।
- Bomb Detection and Disposal Squads, Signal कंपनियाँ, और EME डिटैचमेंट्स भी सक्रिय रूप से काम में लगे हैं।
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन सहायता:
- 150 से अधिक डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ तैनात
- 2 Advanced Dressing Stations, 9 Medical Aid Posts, और एक 100-बेड का अस्पताल
- 26 ऑक्सीजन बूथ, जिनमें कुल 2,00,000 लीटर ऑक्सीजन का प्रबंध
- Engineer Task Forces द्वारा पुल निर्माण, ट्रैक चौड़ा करना, और आपदा प्रबंधन में मदद
पहलगाम घटना के बाद क्यों जरूरी है ऑपरेशन शिवा?
कुछ महीने पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न की थी। पहलगाम मार्ग अमरनाथ यात्रा का प्रमुख रूट है, और इस रूट पर बढ़ते आतंकी खतरे के मद्देनजर ऑपरेशन शिवा एक आवश्यक रणनीतिक कदम बन गया है।


