Madhya Pradesh News: अगर आप मध्य प्रदेश के निवासी हैं और अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (Mukhyamantri Swarojgar Yojana) के तहत बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है, ताकि युवा रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें।
क्या है मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना?
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की शुरुआत 1 अगस्त 2014 को हुई थी और 2017 में इसमें संशोधन किया गया। इस योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत युवाओं को ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख रुपये तक का कर्ज (लोन) उपलब्ध कराया जाता है।
योजना का लाभ और सब्सिडी |Madhya Pradesh News
- कर्ज सीमा: 50 हजार से 10 लाख रुपये तक।
- सामान्य वर्ग के लिए: परियोजना लागत का 15% (अधिकतम 1 लाख रुपये) तक अनुदान।
- भोपाल गैस पीड़ितों के लिए: अतिरिक्त 20% या अधिकतम 1 लाख रुपये की मदद।
- ब्याज में छूट: पुरुषों को 5% और महिलाओं को 7% तक ब्याज सब्सिडी।

पात्रता शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक ने किसी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया हो।
- अपना बिजनेस प्लान होना अनिवार्य है।
- न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 5वीं पास।
आवेदन प्रक्रिया
- इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बिजनेस प्लान संलग्न करना होगा।
- आवेदन की जांच और स्वीकृति के बाद बैंक से लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य लक्ष्य है –
- युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना
- राज्य में बेरोजगारी कम करना
- छोटे और मध्यम स्तर पर बिजनेस को बढ़ावा देना


