Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में जल्द ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है। मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक साल का विस्तार मिलने के बाद अब सरकार कमजोर प्रदर्शन करने वाले कलेक्टरों और निष्क्रिय विभाग प्रमुखों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि एक दर्जन से ज्यादा जिलों में कलेक्टरों का तबादला तय माना जा रहा है।
जिलों में कलेक्टरों का बदलना तय
जानकारी के अनुसार, सरकार सितंबर माह के पहले सप्ताह में नई पदस्थापना के आदेश जारी कर सकती है।
- इंदौर को नया कलेक्टर मिल सकता है।
- वर्तमान कलेक्टर आशीष सिंह को उज्जैन का संभागायुक्त बनाए जाने की चर्चा है।
- कई जिलों के कलेक्टरों को खराब परफॉर्मेंस और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के आधार पर हटाया जा सकता है।
- जिन कलेक्टरों को लंबे समय से एक ही पद पर तैनाती है, उन्हें भी बदला जाएगा।

कई पद लंबे समय से खाली
मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली हैं।
- उज्जैन में एडिशनल कमिश्नर रत्नाकर झा पिछले एक महीने से प्रभारी कमिश्नर के रूप में काम कर रहे हैं।
- यहां संभागयुक्त संजय गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद से नए अधिकारी की पदस्थापना नहीं हुई है।
- कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ के पद भी खाली हैं, जहां प्रभारी व्यवस्था के भरोसे काम चल रहा है।
सचिवालय स्तर पर भी बदलाव संभव
बदलाव केवल जिलों तक सीमित नहीं रहेगा। सचिवालय स्तर पर भी बड़े स्तर पर फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
- प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों का तबादला हो सकता है।
- गृह विभाग के अपर सचिव जेएन कंसोटिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनकी जगह नए गृह सचिव की पदस्थापना होगी।
- चर्चा है कि अशोक वर्णवाल या अनुपम राजन को गृह विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
नए चेहरों को मिलेगी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, उच्च स्तर पर हुई बैठकों में यह निर्णय लिया गया है कि प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा लाने के लिए युवा अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। अधिकारियों की पदस्थापना उनके प्रदर्शन और कार्यकुशलता को आधार बनाकर की जाएगी।


