भोपाल |NEWSOFFICE 24 | मध्यप्रदेश विधानसभा ने सोमवार को ‘मध्यप्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास विधेयक 2025’ यानी Metropolitan City Act पारित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश के आर्थिक और शहरी विकास की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया। इस कानून के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरों को भविष्य के उन्नत ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
पहले चरण में इंदौर और भोपाल को शामिल किया गया है, जबकि ग्वालियर, जबलपुर और रीवा को दूसरे चरण में शामिल करने की योजना है। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि यह कानून अगले 25 वर्षों की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस मॉडल में देश की अन्य मेट्रोपॉलिटन सिटीज का अध्ययन कर महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं।
आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम और IT हब की योजना
Metropolitan City Act के तहत इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम, मेट्रो, मोनोरेल, रोपवे जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज परिसरों में IT पार्क बनाए जाएंगे, जिससे छात्र पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री में भी अनुभव ले सकें। साथ ही, इंडस्ट्रियल बेल्ट चिन्हित कर रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।
महिलाओं को मिलेगा अतिरिक्त इंसेंटिव और हॉस्टल सुविधा
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि महिलाओं को ₹6000 और पुरुषों को ₹5000 प्रतिमाह इंसेंटिव दिया जाएगा। कार्यस्थलों के पास महिला हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए श्रम कानूनों में संशोधन की तैयारी की जा रही है, जिससे नाइट शिफ्ट में भी महिलाएं सुरक्षित कार्य कर सकें।
उज्जैन को साइंस और रिसर्च हब बनाने की तैयारी
सीएम मोहन यादव ने उज्जैन को “मल्टी-डायमेंशनल हब” के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ISRO की तर्ज पर एक रिसर्च सेंटर और साइंस सिटी उज्जैन में स्थापित की जा रही है। इस पहल से उज्जैन को शैक्षणिक, वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टिकोण से नई पहचान मिलेगी।
👉 रतलाम को भी मिलेगा बड़ा फायदा: उज्जैन और इंदौर की भौगोलिक निकटता के कारण रतलाम शहर को भी Metropolitan City Act से सीधा लाभ होगा। क्षेत्रीय विकास, नई रोजगार संभावनाएं और आवागमन सुविधाओं में सुधार रतलाम को शहरी विकास के नये केंद्र के रूप में उभार सकता है।

विपक्ष ने उठाए सवाल: छोटे शहर और किसान रह गए पीछे?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि Metropolitan City Act गरीबों, किसानों और छोटे शहरों की अनदेखी करता है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र में अब भी पेयजल की कमी है, ऐसे में सरकार को पहले बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह और पंकज उपाध्याय ने मास्टर प्लान की देरी और भूमि अधिग्रहण की अस्पष्ट प्रक्रिया पर सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि किसानों को बाजार दर पर मुआवजा कैसे मिलेगा और इंदौर-भोपाल जैसे शहरों में वर्षों से लंबित मास्टर प्लान पर अमल कब शुरू होगा?
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