रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत जुलवानिया गांव के पास हाल ही में मिली महिला की लाश के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि प्रेम संबंधों में उपजे तनाव का नतीजा थी। मृतका राधाबाई (32) की हत्या उसके लिव-इन पार्टनर तेजराम ने की थी, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तेजराम ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
प्रेम संबंध बना हत्या का कारण
पुलिस जांच में सामने आया कि राधाबाई और तेजराम पिछले सात-आठ वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। राधाबाई लगातार तेजराम पर उसके साथ स्थायी रूप से रहने का दबाव बना रही थी, जबकि तेजराम पहले से विवाहित था और अपने परिवार के पास लौटना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे।
26 जून को भी इसी तरह के विवाद के दौरान तेजराम ने राधाबाई को धक्का दे दिया, जिससे वह सिर के बल गिर गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच से मामला हत्या का निकला।
पहले पति पर जताया गया था शक
शुरुआत में महिला की पहचान एक मोबाइल फोन के जरिए हुई, जिससे पता चला कि वह रतलाम के बाजना बस स्टैंड क्षेत्र की रहने वाली थी। शुरुआत में संदेह था कि तेजराम ही उसका पति है, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हो गया कि वह सिर्फ उसका प्रेमी था। राधाबाई ने अपने पति को छोड़कर तेजराम के साथ रहना शुरू कर दिया था।
घटना वाले दिन राधाबाई ने तेजराम को कॉल करके मिलने को कहा, लेकिन उसके इनकार पर वह खुद उससे मिलने भूरीरुंडी गांव रवाना हुई। रास्ते में दोनों की मुलाकात बिरियाखेड़ी और मुंशीपाड़ा के बीच हुई, जहां आपसी बहस के बाद तेजराम ने उसे धक्का दे दिया।

आरोपी पर BNS की धारा 103(1) के तहत कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजराम से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया है।
अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने वाली टीम को सराहना
इस जटिल और बिना किसी सीधी जानकारी के मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी गायत्री सोनी, एसआई ध्यानसिंह सोलंकी, तथा पुलिस टीम के सदस्य अर्जुन खिंची, इमरान खान, पवन मेहता, कान्हा मेघवाल, बलवीर और मोहन चौहान ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।


