Industrial Boost— यह शब्द अब रतलाम के भविष्य से जुड़ने लगा है। औद्योगिक विकास की दिशा में यह जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में हुए Regional Industries Skill & Employment Conclave और सूरत में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन ने रतलाम को निवेशकों की नई पसंद बना दिया है।
Industrial Boost- रतलाम का होगा कायापलट ?
ऐसा कहा जा रहा है कि रतलाम का Industrial Boost अब केवल योजना नहीं रहा, बल्कि जमीन पर उतरने लगा है। पांच दिन पहले रतलाम में हुए RISE Conclave में 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश को हरी झंडी मिली। इसके बाद Reliance, Torrent Power और Om Logistics जैसी बड़ी कंपनियां Investment Region में अपनी यूनिट लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।
हालांकि, इन योजनाओं का अंतिम रूप अभी तय नहीं है, लेकिन संकेत साफ हैं—रतलाम आने वाले समय में औद्योगिक मानचित्र पर तेजी से उभर सकता है।

CM Mohan Yadav का Industrial Boost विज़न कितना कारगर होगा?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में RISE Conclave में जो MoUs साइन हुए, वे रतलाम के लिए Industrial Boost का शुरुआती संकेत माने जा रहे हैं। फार्मा सेक्टर की SRF कंपनी ने करीब 9,200 करोड़ रुपये और Jhilm Rainwear ने 180 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। Fujiyama जैसी सौर उपकरण निर्माता कंपनी को जमीन भी आवंटित कर दी गई है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो अगले साल से यहां निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।
Industrial Boost को रतलाम क्यों आकर्षित कर रहा है?
- गुजरात की सीमा के निकट होने के कारण आसान लॉजिस्टिक्स
- औद्योगिक क्षेत्रों के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर
- Skilled manpower की उपलब्धता
- राज्य सरकार और MPIDC का सक्रिय सहयोग
लेकिन Industrial Boost की इस कहानी में क्या सवाल बाकी हैं?
Industrial Boost के इस विकास पथ में कई सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन कुछ सवाल भी अब तक अनसुलझे हैं:
- क्या सभी प्रस्तावित निवेश धरातल पर उतर पाएंगे?
- क्या स्थानीय इकोनॉमी और रोजगार को अपेक्षित फायदा मिलेगा?
- क्या रतलाम का इंफ्रास्ट्रक्चर इस Industrial Boost को संभाल पाएगा?
इन सवालों के जवाब आने वाले महीनों में मिल सकते हैं।


