राजधानी भोपाल और इंदौर में मेडिकल कारोबारियों पर आयकर विभाग की छापेमार कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी रही। जांच में अब तक लगभग 250 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी और बोगस बिलिंग का बड़ा खुलासा हुआ है। विभाग ने भारी नकदी, विदेशी निवेश और रियल एस्टेट से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
राजधानी भोपाल और इंदौर में आयकर विभाग की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। इसमें मेडिकल कारोबारियों की भारी टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। अब तक विभाग को लगभग 250 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग और टैक्स हेराफेरी के सबूत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि इंदौर स्थित डीसेंट मेडिकल्स और भोपाल के साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड में करीब 150 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई है। वहीं, मेडिकल डिवाइस सप्लायर राजेश गुप्ता के ठिकानों से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की फर्जी बिलिंग के दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

विदेशी निवेश और रियल एस्टेट से कनेक्शन
आयकर अधिकारियों ने गुप्ता के ठिकानों से 12 लाख रुपये नकद, एक सीज लॉकर और युगांडा में निवेश के सबूत बरामद किए हैं। इसके अलावा, रियल एस्टेट में बड़े स्तर पर निवेश के कागजात भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लॉकर खोलने के बाद और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। कार्रवाई में दो करोड़ रुपये नकद और बड़ी मात्रा में फर्जी बिलिंग रिकॉर्ड भी बरामद हुए हैं। इंदौर की एमआर-5 कॉलोनी स्थित डीसेंट मेडिकल्स पर तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
मोटा मुनाफा कमाते थे
प्रारंभिक जांच के मुताबिक कारोबारी अन्य राज्यों और विदेशों से कम कीमत पर चिकित्सा उपकरण मंगवाते थे और यहां उन्हें मोटे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाते थे। इस प्रक्रिया को फर्जी बिलिंग के जरिए टैक्स बचाने और कालेधन को खपाने का जरिया बनाया गया था। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीमें भोपाल, इंदौर और मुंबई समेत 30 से ज्यादा स्थानों पर छापे दे चुकी हैं। सबसे बड़ी टैक्स चोरी राजेश गुप्ता और कारोबारी जितेंद्र तिवारी से जुड़ी बताई जा रही है। अब तक करोड़ों की नकदी, संदिग्ध निवेश और फर्जी दस्तावेज विभाग के हाथ लगे हैं।


