भोपाल। अब IAS और अन्य अखिल भारतीय सेवा (All India Services) के अधिकारियों को अपनी संपत्ति का विवरण समय पर देना अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि जो अधिकारी 31 जनवरी तक ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) दाखिल नहीं करेंगे, उनका प्रमोशन रोक दिया जाएगा।
केंद्र के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के बाद मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने भी सभी विभागों को पत्र भेजकर साफ कर दिया है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
IAS अफसरों के लिए वार्षिक प्रॉपर्टी रिटर्न ज़रूरी
अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के नियम-16(2) के तहत हर अधिकारी को अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण हर साल 31 जनवरी तक ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है। अगर कोई अधिकारी ऐसा नहीं करता है, तो उसके प्रमोशन पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रदेश में फिलहाल 459 IAS अधिकारी पदस्थ हैं। जानकारी के मुताबिक, हर साल बड़ी संख्या में अफसर समय पर विवरण अपलोड नहीं करते, जबकि कुछ अफसर जानबूझकर जानकारी छुपाते हैं। पिछले वर्षों में भी कई अधिकारी इसी वजह से प्रमोशन से वंचित रह चुके हैं।

केंद्र का सख्त संदेश: ढिलाई बर्दाश्त नहीं
केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। जो अधिकारी समयसीमा में प्रॉपर्टी रिटर्न दाखिल नहीं करेंगे, उन्हें पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। राज्य सरकार ने सभी विभागों को चेतावनी दी है कि तय समयसीमा का हर हाल में पालन कराया जाए।
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