मध्यप्रदेश के जबलपुर में आदिम जाति कल्याण विभाग के उपायुक्त जगदीश प्रसाद सरवटे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने मंगलवार को उनके जबलपुर और भोपाल स्थित ठिकानों पर दबिश दी, जिसमें 5 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति बरामद की गई है।
जांच एजेंसी का मानना है कि दस्तावेजों, बैंक खातों और लॉकर की पूरी जांच के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। EOW ने सरवटे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
नकदी, ज़ेवर, शराब और संपत्तियां: हर ठिकाने से निकला ‘खजाना’
EOW के डीएसपी एके सिंह के अनुसार, आरोपी उपायुक्त के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद तीन टीमों का गठन कर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाली चीजें सामने आईं:
🔹 जबलपुर (शंकर शाह नगर और अधारताल) से बरामद:
- ₹7.04 लाख नकद
- ₹20.41 लाख का घरेलू सामान
- ₹3.17 करोड़ की 17 संपत्तियां
- ₹1.08 लाख की 56 महंगी शराब की बोतलें
- अधारताल का घर, जिसकी कीमत ₹1.50 करोड़ आंकी गई
- मां के नाम पर 10 अचल संपत्तियां (मूल्यांकन लंबित)
- ₹6.51 लाख की बैंक जमा राशि (उपायुक्त व भाई के नाम)

🔹 भोपाल (बाग मुगालिया स्थित आवास) से बरामद:
- ₹1.29 लाख नकद
- ₹16.35 लाख के जेवर
- ₹1.5 लाख की FD
- ₹23 लाख का घरेलू सामान
- ₹8.43 लाख के वाहन (तीन गाड़ियां)
- एक M.I.G मकान व एक प्लॉट, जिसकी कीमत ₹37.32 लाख
- LIC व SBI लाइफ के दस्तावेज
- संयुक्त बैंक लॉकर और निवेश (मूल्यांकन जारी)

जांच अभी जारी, बढ़ सकता है संपत्ति का आंकड़ा
अब तक की जांच में जो संपत्ति सामने आई है, वह 5.89 करोड़ रुपये से ज्यादा है, लेकिन EOW अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेज, बैंक खाते और लॉकर की विस्तृत जांच के बाद यह आंकड़ा काफी ऊपर जा सकता है।
सरवटे पर मिली संपत्ति उनके ज्ञात स्रोतों से काफी अधिक है, इसलिए इस पूरे मामले को भ्रष्टाचार का क्लासिक केस माना जा रहा है।
ALSO READ : जिंदा व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड ने बताया मृत: “मैं जिंदा हूं, कागजों में क्यों मारा?”


