भोपाल। मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस के चुनावी आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जहां पूरे प्रदेश में 15 लाख युवाओं ने कांग्रेस की सदस्यता लेकर संगठन को मजबूती दी है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा से सिर्फ 3,287 युवाओं ने सदस्यता ली है। यह आंकड़ा प्रदेश में सबसे कम है।
इसके विपरीत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन से सबसे अधिक 74 हजार युवा जुड़े हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के गृह जिले धार से 55 हजार युवाओं ने सदस्यता ली है। इन नतीजों को राजनीतिक गलियारों में इस रूप में देखा जा रहा है कि कमलनाथ का असर अब तेजी से घट रहा है और पार्टी में उनकी पकड़ कमजोर होती जा रही है
15 लाख युवाओं ने मेंबरशिप ली, छिंदवाड़ा में क्यों हुआ फ्लॉप?
युवा कांग्रेस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेशभर से 15 लाख युवाओं ने चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया। हर सदस्य को अपनी पसंद के छह पदों के लिए वोट देना था — प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिला अध्यक्ष, विधानसभा व ब्लॉक पदाधिकारी।
ऑनलाइन सदस्यता के लिए 50 रुपए शुल्क और शासकीय दस्तावेज जरूरी थे। भोपाल शहर से 53 हजार और भोपाल ग्रामीण से 11 हजार युवाओं ने सदस्यता ली।
प्रमुख जिलों में सदस्यता के आंकड़े
| जिला | सदस्य बने |
|---|---|
| उज्जैन | 74,000 |
| धार | 55,000 |
| सतना | 58,300 |
| रीवा | 55,429 |
| देवास | 35,354 |
| राजगढ़ | 43,837 |
| रतलाम | 26,322 |
| सिवनी | 41,241 |
| छिंदवाड़ा | 3,287 |
प्रदेश अध्यक्ष का चयन इंटरव्यू से
एमपी कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी के मुताबिक, स्क्रूटनी के बाद प्रदेश और जिला कार्यकारिणी के नतीजे घोषित होंगे। शीर्ष प्रत्याशियों का इंटरव्यू लेकर सितंबर तक नया प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त कर दिया जाएगा।
राजनीतिक संकेत साफ
विश्लेषकों का मानना है कि कमलनाथ के गढ़ में इतनी कम सदस्यता राजनीतिक बदलाव का संकेत है। यह नतीजे आने वाले समय में कांग्रेस के अंदर शक्ति-संतुलन को बदल सकते हैं।


