SHEFALI JARIWALA की असमय मृत्यु ने फिर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली।
हाल ही में अभिनेत्री और ‘कांटा लगा’ फेम SHEFALI JARIWALA की असमय मृत्यु ने देशभर में एक बार फिर हार्ट अटैक और CARDIAC ARREST को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। एक चमकदार, फिट और सार्वजनिक रूप से स्वस्थ नजर आने वाली सेलिब्रिटी की अचानक मृत्यु न केवल दुखद है, बल्कि यह चेतावनी भी है कि हम एक गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रहे हैं।
CARDIAC ARREST बनता जा रहा है ‘साइलेंट किलर’
हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि 30 से 45 वर्ष की उम्र के युवाओं में अचानक CARDIAC ARREST के मामले तेजी से बढ़े हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि CARDIAC ARREST और हार्ट अटैक में अंतर है। हार्ट अटैक में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध होता है जबकि CARDIAC ARREST में हृदय की विद्युतीय प्रणाली ही अचानक रुक जाती है। इसमें रोगी को मात्र कुछ मिनटों में चिकित्सकीय सहायता न मिलने पर मृत्यु हो सकती है।
बॉलीवुड में भले ही फिटनेस पर ज़ोर दिया जाता है, लेकिन अनियमित नींद, मानसिक तनाव, कॉस्मेटिक दवाओं और स्टेरॉइड्स का प्रयोग, साथ ही अत्यधिक कैफीन या एनर्जी ड्रिंक्स भी शरीर को दीर्घकालीन रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं।

क्या कहती हैं मेडिकल स्टडीज़?
कई मेडिकल रिसर्च दर्शाती हैं कि भारतीयों की हृदय संबंधी धमनियाँ सामान्यतः पश्चिमी देशों के नागरिकों से पतली होती हैं। इसके अलावा, अनुवांशिक कारण, खान-पान में संतुलन की कमी, शारीरिक निष्क्रियता, धूम्रपान, शराब और तनाव इस संकट को और तीव्र बना रहे हैं।
AIIMS दिल्ली के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव गुप्ता के अनुसार –
“आज का युवा बाहर से फिट दिखता है लेकिन अंदर से कमजोर है। डिजिटल वर्क कल्चर ने शरीर को स्थिर और दिमाग को अत्यधिक सक्रिय बना दिया है, जिससे हृदय पर लगातार दबाव बना रहता है।”
समाधान क्या हो सकता है?
- नियमित ECG और हृदय जांच 30 वर्ष की आयु के बाद हर 6 महीने में एक बार कराना चाहिए।
- योग, प्राणायाम और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करना अनिवार्य होना चाहिए।
- वर्क-लाइफ बैलेंस को गंभीरता से लेना होगा – लगातार रातों की नींद काटना और अत्यधिक काम करना शरीर के लिए खतरनाक है।
- कैफीन, स्टेरॉइड्स और एनर्जी ड्रिंक्स से दूरी बनाना अनिवार्य है, खासकर युवाओं के लिए।
- सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण को स्कूलों और ऑफिसों में अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद दी जा सके।
SHEFALI JARIWALA की मृत्यु एक व्यक्तिगत क्षति है, लेकिन इससे भी बढ़कर यह सामाजिक और स्वास्थ्य प्रणाली के लिए चेतावनी है। कार्डियक अरेस्ट अब उम्र देखकर हमला नहीं करता। यह अचानक आता है और जीवन छीन लेता है। यदि हम अब भी नहीं चेते, तो ऐसे हादसे और आम हो जाएंगे।
हृदय की रक्षा केवल जिम से नहीं, जीवनशैली में संतुलन से होती है।
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