Bhopal News: भोपाल क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टीकमगढ़ जिले में कृषि उपकरण (खेती के औजार) बनाने की आड़ में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तैयार पिस्टल, लेथ मशीन और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले लाखों रुपये कीमत के उपकरण जब्त किए हैं। अब तक इस मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है।
पिस्टल के साथ पकड़े गए युवक से खुला राज
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र के अनुसार, हाल ही में क्राइम ब्रांच ने निशातपुरा इलाके से मुख्तार खान नामक युवक को गिरफ्तार किया था। उसके पास से एक आधुनिक पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि यह पिस्टल उसने करीब डेढ़ साल पहले टीकमगढ़ निवासी सुरेंद्र विश्वकर्मा से खरीदी थी। सुरेंद्र और उसका परिवार पिछले कई वर्षों से अवैध हथियार निर्माण में सक्रिय है और मछली परिवार के गुर्गों सहित कई अपराधियों को हथियार सप्लाई कर चुका है।
कृषि उपकरण फैक्ट्री में बनते थे अवैध हथियार
सुरेंद्र विश्वकर्मा का पिता आनंदी विश्वकर्मा करीब 40 सालों से कृषि उपकरण बनाने का कारखाना चला रहा था। उसने बलदेवगढ़ और जतारा क्षेत्र में दो अलग-अलग जगह फैक्ट्रियां खोल रखी थीं। बाहर से देखने पर ये फैक्ट्रियां कृषि उपकरण बनाती थीं, लेकिन अंदर गुपचुप तरीके से पिस्टल और अन्य हथियार तैयार किए जाते थे। इस पूरे काम में परिवार के लोग ही शामिल थे ताकि बाहरी किसी को भनक न लगे।
जब्त सामान और हथियार
क्राइम ब्रांच ने छापेमारी में जिन हथियारों और उपकरणों को जब्त किया है, उनमें लेथ मशीनें, वेल्डिंग मशीनें, ग्राइंडिंग और कटिंग मशीनें, बड़ी मिलिंग मशीन, लोहे के फ्रेम, बैरल, कारतूस, मैगजीन पिस्तौल की पत्ती, देसी पिस्टल, अधबनी पिस्टलें और हथियार बनाने के अन्य कच्चे पुर्जे शामिल हैं।
गिरफ्तार और फरार आरोपी
अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में –
- मुख्तार खान (भोपाल)
- सुरेंद्र विश्वकर्मा (टीकमगढ़)
- सैफ अली उर्फ रिंकू (इंदौर)
- मुमताज अली (टीकमगढ़)
- आनंद विश्वकर्मा (टीकमगढ़)
वहीं, आरोपी नरेंद्र प्रताप सिंह परमार अभी फरार है, जिसके फार्महाउस पर हथियार फैक्ट्री चलाई जा रही थी। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
जेल से छूटने के बाद फिर शुरू किया धंधा
मुख्य आरोपी सुरेंद्र विश्वकर्मा पहले भी लूट के एक मामले में सात साल की सजा काट चुका है। जनवरी 2025 में जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा हथियार बनाने का धंधा शुरू किया और सीमावर्ती जिलों व राज्यों में अवैध सप्लाई करने लगा।


